March 14, 2026
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मुंबई : राज्य में बिजली ग्राहकों को सस्ती मिले, इसका ऐलान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया था। कहा गया था कि 5 साल में बिजली के रेट कुल 50 परसेंट कम किए जाएंगे और पहले साल में 10 परसेंट की कमी होगी, लेकिन असलियत इसके उलट है। बड़ा दावा यह है कि बिजली के रेट कम नहीं होंगे, बल्कि 16 परसेंट महंगे हो जाएंगे। कांग्रेस के सीनियर प्रवक्ता अतुल लोंढे ने यह बात कही है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए अतुल लोंढे ने कहा कि ऐलान किया गया था कि पांच साल में बिजली के रेट कम किए जाएंगे और किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। लेकिन महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने बिजली के रेट में 20 से 40 परसेंट बढ़ोतरी का प्रस्ताव महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को दिया है। इस बारे में नागपुर में एक पब्लिक हियरिंग हुई थी। इससे राज्य के आम बिजली ग्राहकों और छोटे, मीडियम और माइक्रो बिजनेस की कमर टूट जाएगी। पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों पर बिजली के रेट में बढ़ोतरी का बोझ डाल दिया गया है।
पड़ोसी राज्यों गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना में बिजली के रेट महाराष्ट्र से कम हैं। गुजरात में घरेलू बिजली का रेट 3.0 से 5.2 रुपये प्रति यूनिट, कर्नाटक में 3.7 से 7.3 रुपये प्रति यूनिट, तेलंगाना में 2 से 10 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि महाराष्ट्र में यही रेट 4.4 से 12.8 रुपये प्रति यूनिट है। जब सभी राज्यों में बिजली बनाने का खर्च एक जैसा है, तो महाराष्ट्र में बिजली महंगी क्यों है?, अतुल लोंधे ने यह सवाल उठाया है।

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