मुंबई : महाराष्ट्र के शानदार इतिहास में आधुनिकता जोड़ते हुए महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के बेड़े में जल्द ही नई बसें ‘राजमाता जिजाऊ’ शामिल की जाएंगी, ताकि यात्रियों को भीड़भाड़ वाले रूट पर खड़े होकर सफर न करना पड़े। ये बसें मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक जैसे बड़े शहरों को आपस में जोड़ेंगी। बता दें कि इससे पहले भी एसटी शिवनेरी, शिवशाही, शिवाई, यशवंती, हिरकणी नामक बसें चला चुका है। अब इस परंपरा में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है।
नई बसें 3 बाय 2 लेआउट मॉडर्न में खरीदी गई हैं। इन बसों का नाम ‘राजमाता जिजाऊ’ रखा गया है। यह नाम हिंदवी स्वराज्य की स्थापना करने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज की मां के नाम पर रखा गया है।
राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और एसटी कॉर्पोरेशन व के चेयरमैन प्रताप सरनाईक ने कहा कि ये बसें मार्च से अलग-अलग फेज में पूरे राज्य में यात्रियों की सेवा में शुरू की जाएंगी। यह बसें नारंगी और सफेद रंग की होंगी, जो महाराष्ट्र की परंपरा और शान की चलती-फिरती और बोलती हुई प्रतीक साबित होंगी।
अधिक लोग कर सकेंगे सफर
अभी की बसों में लगभग 40 यात्रियों के बैठने की जगह होती है। वहीं नई बसों में 55 यात्री आराम से बैठ सकेंगे। यानी, भीड़भाड़ वाले रूट पर जो लोग अब तक खड़े होकर यात्रा करते थे, उनमें से कुछ और लोगों को सीट मिल सकेगी। फिल्हाल एसटी का इरादा यह सर्विस खासकर उन 2 शहरों के बीच चलाने का है, जिन रूट्स पर भीड़भाड़ ज्यादा है।
